गुलड़िया क्षेत्र के रुखड़ा और कतराई ठाकुरन गांवों में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, दोनों गांवों में ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं जो वहां के स्थायी निवासी नहीं हैं। इतना ही नहीं, कुछ नाबालिगों के नाम भी वोटर लिस्ट में शामिल होने की बात सामने आई है। वहीं दूसरी ओर, कई वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
रुखड़ा गांव के निवासी विपिन यादव ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान की संस्तुति से करीब 20 से 25 सही मतदाताओं के नाम काट दिए गए, जबकि प्रधान के करीबी लोगों के नाम सूची में जोड़ दिए गए। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ ऐसे युवाओं को भी मतदाता बना दिया गया है जिनकी उम्र अभी 18 वर्ष पूरी नहीं हुई है।
कतराई ठाकुरन गांव के लोगों ने बताया कि उनके यहां लगभग 366 आवेदन भरे गए थे, लेकिन उनमें से केवल 150 नाम ही अंतिम सूची में शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि इनमें भी करीब 25 नाम संदिग्ध हैं और शेष नाम दूसरे क्षेत्रों के लोगों के बताए जा रहे हैं।
एक अन्य ग्रामीण ने जानकारी दी कि बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर लगभग 250 नए मतदाताओं के लिए फॉर्म भरवाए गए थे, लेकिन इनमें से बहुत कम नाम ही बढ़ पाए। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों में असंतोष है।
बीएलओ रामनिवास ने कहा कि फिलहाल दावा-आपत्ति की प्रक्रिया जारी है। यदि किसी का नाम गलत तरीके से जोड़ा गया है या हटाया गया है, तो जांच के बाद सुधार किया जाएगा। जिन मतदाताओं के नाम कटे हैं, वे नियमानुसार आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।

